भारत के भविष्य के हथियार

India’s Secret Weapons

हेलो दोस्तों स्वागत है आपका केयर यू एजुकेशन में, यहां पर हम बात करेंगे भारत के सबसे खतरनाक गोपनीय भविष्य के हथियारों के बारे में, आपमें से ज्यादातर लोग ये सोचते होंगे की सबसे अच्छे लड़ाकू हथियार केवल अमेरिका, रूस, इस्राल व कुछ  अन्य देश ही बना सकते है लेकिन ऐसा नहीं है.

ये हथियार पूर्ण विकसित हो जाने के पश्चात् दुनिया का कोई भी देश भारत की तरफ आँख उठाकर नहीं देख पायेगा और अगर यदि कोई ऐसा करता भी है तो ऐसे मिनटों में ही अपनी गलती का अहसास हो जायेगा। एक सच्चा देशभक्त होने के नाते आपको ये अवश्य ही जानना चाहिए ये जानकारी आपकी प्रतियोगी परीक्षाओ के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है. ये हथियार निम्न है –

KALI – 5000

  • KALI = किलो एम्पियर लीनियर इंजेक्टर
  • यह हथियार DRDO और BARC द्वारा बनाया जा रहा है

आपने हॉलीवुड की मूवी या शक्तिमान में कुछ हथियार तो देखे होंगे जिससे एक रोशनी निकलती है और दुश्मन राख हो जाता है बस ये हथियार भी कुछ वैसा ही है. यह दुनिया की सबसे उन्नत आक्रामक और रक्षक प्रणाली होगी, इसमें बहुत उच्च वोल्टेज की इलेक्ट्रोमैग्नेटिक पल्स उत्पन्न होगी जैसे क्ष रेज़ और माइक्रोवेव जो दुश्मन के हथियारों में लगे सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को एक सेकंड में नाकाम कर देगी.

इसका उपयोग हम दुश्मन के इलाके में जाकर कर सकते है एवं इसके अलावा दुश्मन की मिसाइल्स या लड़ाकू विमान यदि हमारे इलाके में आते है तो ये उनके सारे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को नाकाम कर देगा, आज के सभी आधुनिक हथियार इलेक्ट्रिक है इसलिए ये सबसे कारगर प्रणाली साबित होगी. आपको जानकर आश्चर्य होगा कि अमेरिका और चीन भारत से अनुरोध कर चुके है की भारत ये हथियार बनाना बंद कर दे या हमे भी ये टेक्नोलॉजी के बारे में बताये. इसका पहला परीक्षण सफल रहा है अभी इसकी सटीकता का परिक्षण चल रहा है पूर्ण रूप से विकसित होने के बाद इसको छोटी बदूको एवं अन्य छोटे हथियारों के साथ जोड़ दिया जायेगा. काली 5000 के पूर्ण रूप से विकसित होने के बाद भारत को किसी भी युद्ध में हराना असंभव हो जायेगा.

सूर्य – I

1995 से भारत के गुप्त योजना के तहत विकसित की जा रही एक अंतर महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल है (ICBM) जो अपने साथ 4-10 परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम होगी. इसकी रेंज 12000-16000 किलोमीटर होगी जिसके अंदर पूरा विश्व आ जायेगा, इतना ही नहीं यह दुनिया की सबसे अधिक दुरी तक मार करने वाली मिसाइल बन जाएगी और भारत उन देशो में शामिल हो जायेगा जो कभी भी किसी भी देश पर हमला कर सकते है.

वर्तमान में भारत के पास अग्नि 5 मिसाइल है जिसकी छमता 5000 किलोमीटर है जिससे हम चीन के पुरे इलाके में हमला नहीं कर सकते है. अभी अमेरिका के पास 13000 km चीन के पास 14000 km की अधिकतम रेंज की मिसाइल है. इस मिसाइल के पूर्ण विकसित हो जाने के बाद भारत 10 देशो पर एक साथ हमला कर सकता है और इसको कोई भी डिफेंन्स सिस्टम रोक नहीं पायेगा.

SUCAV – AURA

  • SACAV = स्टील्थ अनमैन कॉम्बैट एयर व्हीकल
  • AURA = ऑटोनोमस अनमैन रिसर्च  एयरक्राफ्ट

ये भी भारत के सबसे सीक्रेट प्लान में से एक है, इसको दर्दो एवं एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी द्वारा भारतीय वायु सेना और नेवी के लिए बनाया जा रहा है . यह विमान स्टील्थ टेक्नोलॉजी से लैस होगा जिसे दुनिया का कोई भी शक्तिशाली राडार सिस्टम नहीं पकड़ पायेगा, यह दुश्मन के इलाके में हमला करके चला जायेगा किसी को पता भी नहीं चलेगा. इसे 2022 तक पूरा होने की उम्मीद है, अभी ये टेक्नॉलोजी केवल अमेरिका और रूस के पास ही है. इस तरह के एयरक्राफ्ट से हमला करने साथ ही जासूसी करने का काम भी लिया जा सकता है. इसकी स्पीड 2500 KM/H होगी एवं एक बार ईंधन भरने के बाद पूरी दुनिया में कही भी जा सकेगा.

ब्रह्मोस – मार्क II

यह मिसाइल भी पूर्ण विकसित होने के बाद दुश्मनों के छक्के छुड़ा देगी जिसका निर्माण ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है. यह हाइपर सोनिक मिसाइल है इसकी स्पीड मैक 7 होगी इसलिए इसे दुनिया का कोई भी डिफेंस सिस्टम रोक नहीं पायेगा. यह ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल का उन्नत रूप है जो ब्रह्मोस से कई गुना अधिक बेहतर होगी जैसे इसकी रेंज 600 KM एवं स्पीड मैक 7 होगी. यह मिसाइल सतह, हवा, पानी तीनो जगह से चलाई जा सकेगी. ब्रह्मोस के निर्माण के समय भारत मिसाइल टेक्नोलॉजी कण्ट्रोल रेजीम (MTCR) का सदस्य नहीं था इसलिए रूस इसकी रेंज 300 KM तक कर सकता था, लेकिन 2016 में भारत MTCR का पूर्ण सदस्य बन गया है अब भारत किसी भी रेंज की मिसाइल बना सकता है और उसे बेच भी सकता है.

अरिहंत क्लास सबमरीन

अरिहंत एक संस्कृत शब्द है जिसका अर्थ होता है वध करने वाला और ये पनडुब्बी इस नाम में खरी उतरती है. ये नेवी शिपबिल्डिंग सेंटर विशाखापट्नम द्वारा भारतीय नौ सेना के लिए बनायीं जा रही है जो परमाणु ईंधन से चलने वाली बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी है. इसकी ताकत का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते है की एक बार गोता लगाने के बाद ये एक महीने तक लगातार पानी के अंदर रह सकती है. यह परमाणु ईंधन से चलती है इसलिए पानी के अंदर कोई आवाज नहीं आती और दुसमन इसकी स्थिति का पता नहीं लगा पता है. पानी के अंदर उसकी रफ़्तार 12-15 नोट्स (25-30KM/H) एवं सतह पर 24 नोट्स (45 KM/H) होती है जो एक पनडुब्बी के लिए बहुत तेज मानी जाएगी. इससे 6 टॉरपीडो को एक साथ लांच किया जा सकता है जिससे दुश्मन का बचना लगभग असंभव होता है इसके अलावा ये सतह और हवा में बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइल से हमला करने में सक्षम है.

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