समास Hindi Grammar for exams 2018

समास Hindi Grammar

यहां पर हम निम्न बिन्दुओं को सीखेंगे

  • ट्रिक्स से समास को पहचानना
  • समास के प्रकार
  • उदाहरण सहित व्याख्या
  • अपवाद

दो शब्दों के मेल से बने नए शब्द में जो परिवर्तन होता है उसे समास कहते है.

सामासिक शब्द को फिर से अलग करना समास विग्रह कहलाता है.

पहले वाले शब्द को पूर्वपद एवं बाद वाले को उत्तर पद कहते है.

जैसे-  राज का पुत्र = राजपुत्र

मुख्यता 6 प्रकार का होता है

    1. अव्ययीभाव समास
    2. तत्पुरुष समास
    3. कर्मधारय समास
    4. द्विगु समास
    5. बहुब्रीहि समास
    6. द्वन्द समास

 

1- अव्ययीभाव समास

पहला पद प्रधान

Trick-

  • पहला छोटा, कम अर्थ वाला
  • दूसरा शब्द बड़ा, ज्यादा अर्थ रखने वाला होता है, जैसे-

आजीवन (जीवन भर), आमरण (मरने तक), प्रतिदिन (हर दिन)

 Trick- एक ही शब्द कई बार आने पर अव्ययीभाव समास होता है जैसे-

रातोरात = रात-रात में

दिनोदिन = हर-दिन

हाथोंहाथ = हाथ ही हाथ में आदि

 

2- तत्पुरुष समास

दूसरा पद प्रधान

Trick-

  •  दूसरा पद छोटा, कम अर्थ वाला
  •  पहला पद बड़ा, ज्यादा अर्थ रखने वाला होता है,
  • इस समास में बीच के शब्दों या विभक्ति को हटा दिया जाता है

जैसे- चिड़ीमार ( चिड़िया को मारने वाला )

मुख्यता 6 प्रकार का होता है

I)  कर्म तत्पुरुस

II)  करण तत्पुरुस

III)  सम्प्रदान तत्पुरुस

IV)  आपादान तत्पुरुस

V)   सम्बंध तत्पुरुस

VI)  अधिकरण तत्पुरुस

I)कर्म तत्पुरुस

Trick- यदि को शब्द हटा दिया गया हो, जैसे-

चिड़ीमार- चिड़िया को मारने वाला

यशप्राप्त – यश को प्राप्त करना

II) करण तत्पुरुस

 Trick- यदि से शब्द हटा दिया गया हो, जैसे-

अकालपीडित = अकाल से पीड़ित

रेखांकित = रेखा से अंकित

III) सम्प्रदान तत्पुरुस

Trick- यदि के लिए शब्द हटा दिया गया हो, जैसे-

देशभक्ति = देश के लिए भक्ति

हथकड़ी = हाथ के लिए कड़ी

IV) आपादान तत्पुरुस

Trick- यदि  से  शब्द हटा दिया गया हो, (अलग होना या जुड़ा होने के अर्थ में) जैसे-

दयाहीन = दया से हीन

शापमुक्त = शाप से मुक्त

V) सम्बंध तत्पुरुस

Trick- यदि का,के,की, शब्द हटा दिया गया हो,(सम्बन्ध का अर्थ छिपा होता है)जैसे-

राजपुत्र = राजा का पुत्र

गंगाजल = गंगा का जल

VI) अधिकरण तत्पुरुस

Trick- यदि में शब्द हटा दिया गया हो, जैसे-

प्रेममग्न = प्रेम में मग्न

गृहप्रवेश = गृह में प्रवेश

समास के अनुसार निम्न शब्दों का लोप हो जाता है

कर्म             – को

करण           – से

सम्प्रदान      – के लिए

अपादान       – से ( अलग होना )

सम्बंध         – का,के,की

अधिकरण    – में

 

3 कर्मधारय समास

दूसरा पद प्रधान होता है 

Trick-

  •  पहला पद विशेषता बताता है,
  •  या दूसरे पद की तुलना होती है ,
  •  कैसा है ? प्रश्न का उत्तर मिलता है, जैसे

नीलगगन = नीला है जो गगन

चंद्रमुखी = चाँद के सामान मुख वाली

महावीर = महान है जो वीर

यदि आप उपरोक्त सभी उदाहरण को देखे एवं प्रश्न करे, कैसा है तो आपको उत्तर मिलेगा, जैसे गगन कैसा है = नीला है

 

4- द्विगु समास

Trick- संख्या वाले शब्दों का प्रयोग,

इस समास में संख्यात्मक शब्द का प्रयोग होता जो किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थान के लिए होता है. जैसे-

चौराहा = चार राहों का मिलन

नवरात्र = नौ रातो का समूह

त्रिलोक = तीन लोको का समूह

शताब्दी = सौ वर्षो का समूह

त्रिफला = तीन फलों का समाहार

 

5- बहुब्रीहि समास

इसमें कोई भी पद प्रधान नहीं होता है

Trick- दोनों पद मिलकर किसी तीसरे व्यक्ति या वस्तु की ओर इशारा करते है जैसे –

नीलकंठ = नीला है कंठ जिनका ( शिव )

गिरिधर = गिरि को धारण करने वाले ( कृष्ण )

इस समास में एक महत्वपूर्ण बात याद रखे की, अगर कोई व्यक्ति या वस्तु जो पुरे ब्रम्हांड में केवल एक है, किसी शब्द द्वारा बताया जाता है तो वहा पर बहुब्रीहि समास होगा, जैसे

दशानन = दस है आनन जिसका (रावण)

 

6- द्वन्द समास

इसमें दोनों पद प्रधान होते है

Trick- दोनों शब्द एक दुसरे का उल्टे या फिर बराबर महत्व के होते है एवं दोनों के बीच ‘और’ शब्द छुपा होता है.

दोनों शब्दों को जोड़ने के लिए सामासिक चिन्ह का प्रयोग हो भी सकता है और नहीं भी. जैसे-

स्वर्ग-नरक

रात-दिन

सुख-दुःख

लाभ-हानि

 

अपवाद

अगर विकल्प में बहुब्रीहि समास दिया हो और  उत्तर कर्मधारय समास या द्विगु समास हो एवं दिए गए शब्द द्वारा ऐसी संजा की तरफ इशारा किया जा रहा जो दुनिया में केवल एक है तो हम बहुब्रीहि समास को उत्तर मानेगे. जैसे

नीलकंठ = कर्मधारय समास / बहुब्रीहि समास

पंचवटी = द्विगु समास / बहुब्रीहि समास

 

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